नई दिल्ली, अप्रैल 30 -- भारत ने कहा है कि वैश्विक संघर्षों, पश्चिम एशिया के घटनाक्रम और पाकिस्तान की सैन्य रणनीति को देखते हुए भारत अपनी मिसाइल रणनीति में बदलाव कर सकता है। केंद्रीय रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने गुरुवार को नेशनल सिक्योरिटी समिट 2.0 को संबोधित करते हुए ये बात कही। रक्षा सचिव ने कहा कि पश्चिम एशिया में जो हुआ है और जिस तरह पाकिस्तान पारंपरिक मिसाइल बल तैयार कर रहा उससे यह स्पष्ट होता है कि अब पारंपरिक मिसाइल बल की आवश्यकता बढ़ रही है। पहले इसका उपयोग मुख्य रूप से रणनीतिक उद्देश्यों के लिए माना जाता था लेकिन अब यह धारणा बदल चुकी है। इसलिए हमें भी उसी के अनुसार अपनी रणनीति बनानी होगी। उन्होंने कहा, भारत संस्थागत प्रक्रियाओं में देरी नहीं करेगा और साथ ही उत्पादन क्षमता भी बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि हम किसी औपचारिक प्रक्रिया के ...
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