वाराणसी, फरवरी 27 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। 'स्पंदन' के समापन के बाद भी बीएचयू के एम्फीथिएटर मैदान में इसकी खुमारी छाई रही। गुरुवार की शाम यह मंच सजा और युवा दर्शक जुटे। मौका था अखिल भारतीय कवि सम्मेलन और मुशायरा का तो शोर की जगह तालियों और दाद ने ली। शायरों और कवियों ने भी एक से एक नज्में पेश कीं। मिसरों ने जादू चलाया तो काफियों ने तालियां बटोरीं। कार्यक्रम का संयोजन हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. वशिष्ठ अनूप ने किया। उन्होंने मंच से अपनी चुनिंदा गजलें भी सुनाईं। मुख्य अतिथि जगदीश पंथी के साथ सभी कवियों और शायरों का विश्वविद्यालय परिवार की तरफ से सम्मान किया गया। स्पंदन के विजेता कवियों को भी सम्मानित किया गया। इस चार कवियों में तीन छात्राएं हैं। कवि जगदीश पंथी ने मंच संभालते ही वातावरण को फागुनी रंगों से सराबोर कर दिया। उन्होंने 'फागुन आन...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.