बाराबंकी, जुलाई 9 -- बाराबंकी। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रुचि तिवारी ने डीजल में मिलावट करने के मामले में 25 साल के बाद सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी को तीन साल के कारावास से दंडित किया और दो हजार का जुर्माना लगाया। विशेष लोक अभियोजक अमरेश विक्रम सिंह ने बताया कि मामला 12 जनवरी 1991 का है। तत्कालीन एसडीएम फतेहपुर के साथ तत्कालीन पूर्ति निरीक्षक ऋषि कुमार श्रीवास्तव ने नेशनल ट्रेडिंग कंपनी पेट्रोल पम्प, तहसील फतेहपुर पर छापा मारकर पेट्रोल पंप से डीजल का नमूना जांच के लिए लिया था। नमूने के परीक्षण के लिए उसे विधि विज्ञान प्रयोगशाला, महानगर, लखनऊ भेजा गया था। जांच रिपोर्ट में डीजल में मिलावट पाई गई थी। वादी मुकदमा ओम प्रकाश सिंह पूर्ति निरीक्षक ने मुकदमा पंजीकृत करवाया था। कोर्ट ने पत्रावली में मौजूद साक्ष्य तथा दोनों पक्षों की बहस सुनने के ...