मधुबनी, मार्च 2 -- बेनीपट्टी,निज प्रतिनिधि। मिथिला की शाक्त परंपरा प्राचीनतम शक्ति उपासना का केंद्र है जो तंत्र दर्शन और भक्ति का अनूठा संगम है। यहां माता दुर्गा काली और दस महाविद्याओं की प्रधानता है। मातृत्व एवं शक्ति का उपासना ही शाक्त धर्म है जो इस सृष्टि की उत्पति अथवा अभिव्यक्ति का मूलभूत कारण है। मिथिला की शाक्त परंपरा भारतीय अध्यात्मिक धारा का महत्वपूर्ण अंग है। उच्चैठ स्थित कालिदास विद्यापति साइन्स कॉलेज परिसर में पांचवी दो दिवसीय उच्चैठ कालिदास राजकीय महोत्सव के दूसरे दिन के प्रथम सत्र में 'मिथिला की शाक्त परंपरा एवं कालिदास' पर आयोजित संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में अपनी बातें रखते हुए सत्तरूढ दल के उप मुख्य सचेतक विनोद नारायण झा ने सोमवार को कही। अध्यक्षता पूर्व कुलपति कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रो देव ...