सीतामढ़ी, अप्रैल 22 -- सीतामढ़ी। सीता जन्मभूमि पुनौरा धाम स्थित सीता प्रेक्षागृह में चल रही श्रीराम कथा के पांचवें दिन बुधवार को जगतगुरु रामभद्राचार्य ने मिथिला की महिमा और माता सीता-भगवान राम के अद्वैत स्वरूप का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा स्थल पर भक्ति, संगीत और आध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिला, जहां सैकड़ों श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर कथा श्रवण करते रहे। कथा की शुरुआत वैदिक विधि-विधान से हुई। मुख्य यजमान जानकी नंदन पाण्डेय एवं यजमान प्रदीप चौधरी ने गुरुपूजन, चरण पादुका पूजन और व्यास पीठ पूजन किया। इसके बाद संगीतमय टोली ने राजे भी देखे, महाराजे भी देखे, कोई राजा नहीं देखा राम जैसा तथा आई अवध से बरियतिया हे राजा जनक के द्वारे जैसे भजनों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। यह भी पढ़ें- सीता और राम एक ही परम ब्रह्म, दोनों में कोई भेद नहीं : राम...
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