लखनऊ, मई 9 -- लखनऊ विश्वविद्यालय का जंतु विज्ञान विभाग रासायनिक कीटनाशकों के विकल्प के रूप में जैविक कीट नियंत्रण की नई तकनीक विकसित करने की दिशा में काम करेगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' कार्यक्रम के तहत विभाग की एक शोध परियोजना को चार लाख रुपये की मंजूरी दी है। यह अध्ययन सहायक आचार्या डॉ. तृप्ति यादव के नेतृत्व में संचालित किया जाएगा, जो समेकित कीट प्रबंधन प्रणाली को एक नई दिशा देने में सहायक होगा। इस शोध का मुख्य केंद्र 'मित्र कीट' मानी जाने वाली लेडीबर्ड बीटल है। वैज्ञानिक इस बात का अध्ययन करेंगे कि लेडीबर्ड बीटल द्वारा छोड़ी गई गंध और प्राकृतिक रासायनिक संकेतों का उपयोग कर हानिकारक कीटों, जैसे माहू और लाही, को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है। शोध में यह देखा जाएगा कि इन रासायनिक अवशेषों का हानिकारक कीटों के व्यवहा...