उन्नाव, फरवरी 15 -- बीघापुर। अढ़ौली गांव स्थित ज्वाला देवी मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन श्रद्धा, भक्ति और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा वाचक आराध्या किशोरी ने भगवान श्रीकृष्ण के चरित्र का मार्मिक वर्णन करते हुए नरकासुर वध, 16 हजार कन्याओं के उद्धार और सुदामा चरित्र की प्रेरणादायक कथा सुनाई। उनके ओजपूर्ण प्रवचन से पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि नरकासुर ने 16 हजार कन्याओं को बंदी बनाकर समाज से अलग कर दिया था। भगवान श्रीकृष्ण ने उनका उद्धार कर न केवल उन्हें मुक्त कराया, बल्कि सामाजिक बुराइयों को दरकिनार करते हुए उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार कर समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाया। यह प्रसंग समाज को यह संदेश देता है कि परित्यक्त और पीड़ित जनों को सम्मान देना ही सच्चा धर...
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