गोरखपुर, मार्च 15 -- गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग की ओर से अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ शनिवार विश्वविद्यालय परिसर स्थित महायोगी गुरु श्री गोरक्षनाथ शोध पीठ में हुआ। संगोष्ठी में भारतीय ज्ञान परंपरा के दृष्टिकोण से विशाल भारत का भूगोल: एक स्थानिक-कालिक परिप्रेक्ष्य विषय पर अतिथियों ने अपने-अपने विचार रखें। मुख्य अतिथि पद्म भूषण और पद्मश्री से सम्मानित प्रख्यात पर्यावरणविद् डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि विशाल भारत की व्याख्या करते हुए कहा कि इसका वास्तविक अर्थ भारत की विशालता (नैतिक और प्राकृतिक) से है। उन्होंने चेताया कि ज्ञान, बाजार और धर्म ही एकीकरण और भेदभाव दोनों के कारण रहे हैं। कहा कि आज जियो टैगिंग तो चलन में है, लेकिन वास्तविक भूगोल कहीं गायब है। हम सभी मेगा प्रीडेटर्स (...
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