नवादा, मार्च 17 -- नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। माह-ए-रमजान के मुकद्दस महीने में मस्जिदों में रोजाना तरावीह की नमाज अदा की जा रही है। रोजेदार नमाज, कुरान की तिलावत तथा दुआ में अधिक समय बिता रहे हैं। रमजान के इन दिनों में अकीदतमंद रोजे, नमाज और नेक अमलों की कबूलियत के लिए अल्लाह से दुआ मांग रहे हैं। ईद के अभी करीब सात दिन शेष हैं, इसलिए रोजेदार इबादत और नेक कामों में और अधिक जुट गए हैं। इस्लामिक विद्वान मौलाना जहांगीर आलम महजुरूल कादरी ने बताया कि रमजान मुसलमानों के लिए रहमत, बरकत और मगफिरत का महीना माना जाता है। यह महीना इंसान को सब्र, संयम और आत्मनियंत्रण की शिक्षा देता है। रोजेदार दिनभर भूख और प्यास सहने के साथ-साथ अपने व्यवहार और विचारों को भी संयमित रखने की कोशिश करता है। इस दौरान लोग बुराइयों से दूर रहकर नेक कामों की ओर अधिक ध्यान द...
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