मासूम बेटे-मां का शव लेते ही कांप उठी हथेलियां
झांसी, अगस्त 20 -- झांसी/बबीना। रफ्तार के कहर से बुधवार की देर रात झांसी-ललितपुर एनएच खून से लाल हो गया। कुछ मिनटों में नातिन के जन्म की खुशियां मातम में बदल गईं। बबीना के बीएचईएल के पास एक ढाबे के करीब बेकाबू कंटेनर ने बाइक सवारों को रौंद डाला। हादसे में दादी-नाती समेत तीन की मौत हो गई। जबकि एक पति अब भी जिंदगी-मौत के बीच झूल रहा है। गुरुवार को पोस्टमार्टम रूम के बाहर बेहद दर्दनाक मंजर था। हर आंख रो रही थी। दोपहर जैसे ही पोस्टमार्टम के बाद मां उर्मिला (57) और 4 साल के बेटे संस्कार उर्फ सोनू का शव पिता महेंद्र के हाथ सौंपा गया तो उसकी हथेलियां कांप उठीं। कलेजा फट पड़ा। वह फफक-फफक कर रो पड़ा। पास खड़े नाते-रिश्तेदारों ने सहारा दिया और स्वयं रो पड़े। कुछ हाल दिव्यांग सियाराम पाल का था। जैसे ही जवान बेटे रवींद्र पाल का शव कफन में लिपटा देखा ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.