हल्द्वानी, अगस्त 13 -- हल्द्वानी। सोशल मीडिया के दौर में साइबर अपराधियों ने अब मासूम बच्चों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। पढ़ाई और मनोरंजन के नाम पर मोबाइल इस्तेमाल कर रहे 8 से 10 साल के स्कूली बच्चे अनजाने में ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड का शिकार बन रहे हैं। पेड गेम ज्वॉइन कराने के बाद किस्तों में पैसे वसूल रहे हैं। जिसे कारण अभिभावकों को चपत लग रही है। कुमाऊं के साइबर विशेषज्ञ एसआई बीएल कुशवाहा ने बताया कि साइबर सेल में हर दिन ऐसे 4 से 5 मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें गेमिंग के नाम पर परिजनों के बैंक खातों से 500 रुपये से लेकर 20 हजार रुपये तक की रकम उड़ाई जा चुकी है। ठग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (जैसे यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक) पर लुभावने फर्जी गेम्स के विज्ञापन चलाते हैं। जैसे ही बच्चे इन विज्ञापनों पर क्लिक करते हैं, उन्हें गेम में आगे...