मधुबनी, मार्च 11 -- मधुबनी। जीवन और मौत से जूझ रही 11 वर्षीय कोमल कुमारी की जिंदगी बचाने के लिए रोजेदार अखलाक सिद्दीकी ने रोजा तोड़ रक्तदान कर मानवता का मिशाल कायम किया है। बेनीपट्टी के धनौजा गांव की मासूम बच्ची के परिजन तीन दिनों से ब्लड के लिए दर दर भटक रहे थे लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिल रही थी। बजरंग दल सहित अन्य सामाजिक संगठन मदद के लिए आगे आए लेकिन उनके रास्ते में कई बाधाएं सामने आने लगी। शहर के निजी अस्पताल में जीवन और मौत से जूझ रही बच्ची का बी पॉजिटिव ब्लड ग्रुप भी बाधा बन रहा था। बजरंग दल के आदित्य सिंह द्वारा सोशल मीडिया पर की गई अपील पर जब कोतवाली चौक निवासी अखलाक सिद्दीकी की नजर पड़ी तो वे धर्म और मजहब से ऊपर उठकर रक्तदान करने करने की ठान ली। वे रोजा में रहकर रक्तदान करना चाहते थे लेकिन डाक्टर के कहने पर वह रोजा तोड़ने को तै...
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