महाराजगंज, मार्च 3 -- महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। जिन मासूमों ने जन्म के बाद से न मां की लोरी सुनी थी और न पिता की पुकार, अब उनकी खामोश दुनिया में खुशियों की गूंज सुनाई देने लगी है। जिले में पिछले पांच वर्षों के भीतर खामोशी के खिलाफ एक बड़ी जंग जीती गई है। प्रदेश सरकार के वित्तीय सहयोग से जिले के 29 ऐसे बच्चों की कॉक्लियर इंप्लांट सर्जरी सफल रही है जो जन्मजात सुनने की शक्ति से वंचित थे। आज विश्व श्रवण दिवस के मौके पर इन परिवारों के चेहरों पर लौटी मुस्कान सरकारी योजनाओं की सफलता की गवाही दे रही है। शून्य से पांच वर्ष तक की आयु के इन बच्चों के लिए दुनिया पूरी तरह खामोश थी। गरीब व मध्यमवर्गीय परिजनों के लिए लाखों रुपये की सर्जरी कराना किसी सपने से कम नहीं था। ऐसे में शासन ने मददगार की भूमिका निभाते हुए प्रति बच्चा छह लाख रुपये की वित्तीय सहाय...
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