नई दिल्ली, सितम्बर 16 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा स्कूलों में मासिक धर्म स्वच्छता सुविधाओं को सुनिश्चित करने के अपने निर्देशों का प्रवावी तरीके से पालन नहीं किए जाने पर नाराजगी जाहिर की। शीर्ष अदालत ने आदेश के अनुपालन में दाखिल रिपोर्ट को देखने से ऐसा लगता है कि कुछ राज्य केवल औपचारिकताएं पूरी करह रहे हैं और जमीनी सच्चाई कुछ और है।

सुप्रीम कोर्ट की संतोषजनक रिपोर्ट जस्टिस जेबी पारदीवाला और आर महादेवन की पीठ ने हालांकि केंद्र सरकार की रिपोर्ट पर संतोष जताया और कहा कि पर्याप्त प्रगति हुई है। पीठ ने कहा कि मासिक धर्म स्वास्थ्य के अधिकार को और अधिक सार्थक बनाने के लिए बहुत कुछ किया जाना चाहिए।

राष्ट्रीय नीति का पालन सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता जया ठाकुर की ओर से दाखिल...