रिषिकेष, मई 28 -- परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि जिस विषय पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए, उसी को आज भी समाज में शर्म और चुप्पी के पर्दे के पीछे छिपा दिया जाता है। मासिक धर्म कोई अभिशाप नहीं, बल्कि सृष्टि के संचालन की ईश्वर प्रदत्त दिव्य प्रक्रिया है। गुरुवार को परमार्थ निकेतन में 34 दिवसीय श्रीराम कथा के 14वें दिन भी कथा मंच से मासिक धर्म स्वच्छता का संदेश दिया गया। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि जिस नारी के गर्भ से संपूर्ण मानवता जन्म लेती है, उसी नारी को उसके स्वाभाविक जैविक चक्र के कारण अपवित्र समझना हमारी सोच की सबसे बड़ी अशुद्धि है। कहा कि जब तक हमारी बेटियाँ अपने शरीर, स्वास्थ्य और स्वाभिमान को लेकर भय, शर्म और असहजता में जीती रहेंगी, तब तक सशक्त समाज का निर्माण केवल एक सपना रहेगा। स...