सीवान, जनवरी 6 -- पचरुखी, एक संवाददाता। प्रखंड मुख्यालय के प्रांगण में सोमवार को माले कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय धरना दिया। नेता गुड्डू पाण्डेय ने कहा कि भीषण शीतलहर के बीच दलित गरीबों के घर उजाड़ी जा रही हैं। अपने ही देश में लोग खुले आसमान में रहने को मजबूर हैं। साथ ही, अतिक्रमण हटाने के नाम पर दलित गरीबों की बस्तियां मिटाने का खेल सरकार कर रही है। यह अमानवीय ही नहीं गैर कानूनी भी है। राज्य की तकरीबन 30 फीसदी आबादी जहां दशकों से बसे हैं, उन्हे उस जमीन का पर्चा मिल जाना चाहिए था। लेकिन, सरकारी तंत्र उन्हें पर्चा मुहैया कराने के बजाय उजाड़ने में जुटी है। कार्यकर्ताओं ने इस दौरान संबंधित अधिकारियों को अपना एक मांग पत्र भी सौंपा। इसमें दलित गरीबों की बस्तियों को उजाड़ने पर तत्काल रोक लगाने, भूमिहीनों को पर्चा देने, प्रधानमंत्री आवास योजना की ...
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