नई दिल्ली, सितम्बर 29 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने बहू के साथ यौन उत्पीड़न करने के आरोपी 80 साल के बुजुर्ग को अग्रिम जमानत देते हुए कहा है कि स्त्रीधन की रिकवरी (वसूली) के लिए हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी नहीं है और ऐसी रिकवरी बेल कोर्ट के दायरे में नहीं आती है। उधर सुनवाई के दौरान आरोपी ससुर के वकील ने कहा कि बुजुर्ग पर आरोप केवल इस मकसद से लगाए गए हैं कि पति-पत्नी के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद में शिकायतकर्ता के पति और आरोपी के बेटे पर दबाव बनाने के लिए ही बुजुर्ग पर ये आरोप लगाए गए हैं। सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस अधिकारी के दावे पर उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें उसने दावा किया था कि बार-बार नोटिस देने के बाद भी आरोपी जांच में शामिल नहीं हुआ। जिसके बाद कोर्ट ने उनसे इस मामले में आरोपी को दिए गए नोटिस पेश करने को कहा, तब अधिकारी ने बता...