नई दिल्ली, अप्रैल 15 -- मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की सरकार इन दिनों गहरे आर्थिक और कूटनीतिक संकट में फंसी नजर आ रही है। एक तरफ मालदीव का खजाना खाली हो रहा है और वह भारत से कर्ज चुकाने के लिए अतिरिक्त समय की गुहार लगा रहा है, वहीं दूसरी तरफ वह भारत के सामरिक हितों को नजरअंदाज करते हुए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट चीन को सौंप दिया। 5 फरवरी 2026 को मालदीव पोर्ट्स लिमिटेड (MPL) ने थिलाफुशी पोर्ट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के पहले चरण का काम चाइना हार्बर इंजीनियरिंग कंपनी (CHEC) को सौंप दिया था।थिलाफुशी पोर्ट प्रोजेक्ट: चीन को सौंपा पहला चरण 5 फरवरी को माले में MPL मुख्यालय में एक औपचारिक समारोह में MPL के सीईओ मोहम्मद रिशवान और CHEC के कंट्री मैनेजर माओ बाओ ने समझौते पर दस्तखत किए। यह थिलाफुशी पोर्ट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट- लोकल हार्बर...
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