ललितपुर, अप्रैल 5 -- ललितपुर। इस बार मार्च माह में आग लगने की घटनाओं के चलते अग्निशमन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को जबरदस्त चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कभी मड़ावरा तो कभी महरौनी तो किसी दिन बार और जखौरा के लिए उनकी भाग दौड़ जारी रही। कई बार थके होने के बावजूद उनको आग की लपटों से जूझना पड़ा। बुंदेलखंड स्थित ललितपुर जनपद का प्रमुख पेशा कृषि है। लाखों किसान खेतीबाड़ी से जुड़े हैं। कृषि उत्पादों से तमाम लोगों की आजीविका चलती है। इस क्षेत्र में भीषण गर्मी पड़ती है। पारा पैंतालीस से पचास डिग्री सेल्सियस तक पहुंचता है। इस तरह की गर्मी में जरा सी चिंगारी बड़े अग्निकांड को अंजाम देने के लिए काफी रहती है। गर्मी के मौसम में यहां फसलों के अवशेष जलाने और जंगलों में जलती बीड़ी का टुकड़ा आदि फेंकने से भीषण आग लगा करती है। खासकर गेहूं की फसल सूखने के बाद...