नई दिल्ली, मार्च 8 -- प्रदोष व्रत हिंदू धर्म में भगवान शिव और मां पार्वती की आराधना का विशेष पर्व है, जो प्रत्येक माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर मनाया जाता है। इस दिन पूजा प्रदोष काल (सूर्यास्त के समय) में किया जाता है, जो शिव भक्ति के लिए अत्यंत मंगलकारी माना जाता है। चैत्र मास के कृष्ण पक्ष का प्रदोष व्रत कई दुर्लभ संयोगों के साथ आ रहा है, जैसे शिव योग और सिद्ध योग का संयोजन। इन योगों में पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। आइए जानते हैं इस व्रत की सही तिथि, मुहूर्त और पूजा विधि।मार्च 2026 में प्रदोष व्रत की सही तिथि वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 16 मार्च 2026, दिन - सोमवार को सुबह 9:40 बजे शुरू होगी और 17 मार्च 2026, दिन - मंगलवार को सुबह 9:23 बजे समा...
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