रांची, जुलाई 30 -- रांची, संवाददाता। न्यायायुक्त अनिल मिश्रा-1 की अदालत ने मारपीट, रास्ता रोकने और धमकी देने के मामले में दायर आपराधिक पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी। अदालत ने जेएमएफसी-9 द्वारा 10 सितंबर 2025 को पारित संज्ञान एवं समन आदेश को सही ठहराते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निचली अदालत ने न्यायिक प्रक्रिया का प्रयोग कर आदेश पारित किया है। अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता और जांच गवाहों के बयान घटना का समर्थन करता है तथा प्रतिकांड (काउंटर केस) का होना इस स्तर पर संज्ञान आदेश रद्द करने का आधार नहीं बन सकता। इसके साथ ही पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी गई। मामला जगन्नाथपुर थाना कांड संख्या 165/2024 से जुड़ा है। शिकायतकर्ता राम नरेश सिंह ने आरोप लगाया था कि 17 अप्रैल 2024 की रात करीब नौ बजे उनकी गाड़ी गैराज के पास खड़ी थी।...