माया के बंधन से मुक्ति का मार्ग है ध्यान और सत्संग : स्वामी गंगाधर
रांची, जुलाई 26 -- मुरहू, प्रतिनिधि। मुरहू प्रखंड के मलियादा स्थित महर्षि मेंही आश्रम में रविवार को आयोजित साप्ताहिक सत्संग में ऋषिकेश आश्रम के स्वामी गंगाधर जी महाराज ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक जीवन का संदेश देते हुए कहा कि यह संसार माया-मोह का बंधन है और इससे मुक्ति केवल सत्संग, भक्ति, सुमिरन एवं ध्यान साधना के माध्यम से ही संभव है। स्वामी गंगाधर जी महाराज ने कहा कि मनुष्य जन्म लेने से पहले ईश्वर भक्ति का संकल्प करता है, लेकिन सांसारिक मोह-माया में पड़कर उसे भूल जाता है। भक्ति का मार्ग कभी बंद नहीं होता, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन अपने मन को प्रभु भक्ति में और तन को कर्म में लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वास्तविक जागरण केवल नींद से उठना नहीं, बल्कि मन के विकारों को शांत कर अपनी चेतना को ईश्वर की ओर केंद्रित करना है। नियमित ध्या...
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