आगरा, दिसम्बर 19 -- दहेज उत्पीड़न समेत अन्य मामले में आरोपित पति सुजीत घोष निवासी शाहगंज को राहत मिल गई है। अदालत ने साक्ष्य के अभाव में आरोपित को बरी करने के आदेश दिए। वादिया ने गवाही के दौरान कहा कि मायके वालों के बहकावे में आकर पति आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। उसका कोई उत्पीड़न नहीं हुआ है। आरोपित की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर गर्ग और नमिता गर्ग ने तर्क प्रस्तुत किए। वादी ने थाना शाहगंज में वर्ष 2024 में मुकदमा दर्ज कराकर आरोप लगाया था कि उसकी शादी 21 फरवरी 2020 को आरोपित के साथ हुई थी। शादी उपरांत दहेज से संतुष्ट नहीं होने के कारण उसके ससुरालीजन उसे उत्पीड़ित करते थे। पुत्र एवं पुत्री के जन्म के बाद भी उनके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। वादी के जेवरात आदि भी रखने का आरोप था। मुकदमे में मात्र वादी की ही गवाही हुई थी।
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