शामली, जून 19 -- कैराना। अब मामौर झील की पहचान गंदे पानी के जलाशय के कारण किसानों की फसलों के नुकसान के नाम से नहीं होगी। मामौर झील को प्रमुख इको-टूरिज्म (पर्यटन स्थल) के रूप में विकसित करने और उसके सौंदर्यीकरण के लिए खुदाई शुरू कर दी गई है। गत चार जून को उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने शामली पहुंचकर करोड़ों रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया था। इसी दौरान मामौर झील को 251.75 लाख की लागत से पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की परियोजना की घोषणा की गई थी।

परियोजना के उद्देश्य उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर तेजी से कार्य शुरु कर दिया है। आवास विकास प्राधिकरण सहारनपुर के सहायक इंजीनियर गुफरान हुसैन ने बताया कि मामौर झील पर गेट, सुलभ शौचालय, कैंटीन, बैठने के लिए ब...