राजेश श्रीवास्तव लखनऊ, सितम्बर 22 -- लखनऊ में एप्पल मैनेजर विवेक तिवारी की हत्या करने वाला बर्खास्त सिपाही प्रशांत कुमार चौधरी सजा से बचने के लिए कोर्ट में गिड़गिड़ाता रहा। मां-पिता की दुहाई देता रहा। सजा पर सुनवाई के दौरान कहा कि हुजूर घर पर वृद्ध माता-पिता हैं, पत्नी भी छोड़कर चली गई, बिन ब्याहा भाई है आठ साल जेल में रह चुका हूं। पूर्व का कोई अपराधिक इतिहास नहीं है। जेल में बिताई गई अ‌वधि को सजा मान कर छोड़ दीजिए। दूसरी ओर विवेक तिवारी पक्ष के अधिवक्ता प्रांशु अग्रवाल ने उसकी गुहार का पुरजोर विरोध करते हुए कोर्ट से कहा कि अभियुक्त ने बेहद निर्यदयता पूर्ण एक निर्दोष व्यक्ति की हत्या कर जघन्य अपराध किया है। इसे अधिकतम दंड से दंडित किया जाना चाहिए। जिला एवं सत्र न्यायालय में सोमवार को सजा के प्रश्न पर सुनवाई शुरू हुई तो सिपाही प्रशांत ने क...