नई दिल्ली, जुलाई 21 -- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मौखिक रूप से कहा कि ऐसा कोई आरोप नहीं है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान समेत अन्य आरोपियों ने 2020 में चंडीगढ़ में बिजली की दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन कर रही भीड़ को 'उकसाया' था। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और विपुल एम. पंचोली की पीठ ने चंडीगढ़ प्रशासन की अपील पर सुनवाई के लिए 30 जुलाई की तारीख तय की। चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस. वी. राजू ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें मान और अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द कर दी गई थी। जस्टिस बागची ने मंगलवार को पूछा कि मान और अन्य की मौजूदगी मात्र से साजिश रचने का मामला कैसे बनता है। पीठ ने ऐसा कोई आरोप नहीं है कि उन्होंने (मान ने) भीड़ को उकसाया। मुख्य न्यायाधी...