गुड़गांव, मई 10 -- गुरुग्राम, वरिष्ठ संवाददाता। नगर निगम मानेसर में सत्तासीन जनप्रतिनिधियों के बीच चल रही राजनीतिक रस्साकशी और वर्चस्व की जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। हाल ही में मेयर के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के बाद यह उम्मीद जताई जा रही थी कि निगम में चल रही गुटबाजी अब समाप्त हो जाएगी, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। आज भी निगम में दो अलग-अलग स्पष्ट गुट बने हुए हैं, जिनमें से एक मेयर का है और दूसरा सीनियर डिप्टी मेयर का। इस राजनीतिक कलह का असर क्षेत्र के विकास कार्यों और सार्वजनिक कार्यक्रमों पर साफ देखा जा सकता है। मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर की टीमें कभी भी निगम के सार्वजनिक कार्यक्रमों या बैठकों में एक साथ नजर नहीं आती हैं। दोनों गुट हर छोटे-बड़े विकास कार्य का श्रेय लेने की होड़ में लगे रहते हैं, जिसका सीध...