नई दिल्ली, जून 8 -- दुनियाभर के तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होती है तो भारत में मानसून के दौरान गर्मी और उमस की अवधि लंबी हो सकती है। आईआईटी गांधीनगर और अमेरिका के स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने शोध में दावा किया है जो अमेरिकन जियोफिजिकल यूनियन (एजीयू) में प्रकाशित हुआ है। शोध के अनुसार मानसून सीजन के दौरान असहनीय उष्मा में तेज बढ़ोतरी दिख सकती है। वैज्ञानिकों के अनुसार गर्मी और मानसून में लंबे समय तक अनकम्पेन्सेबल हीट स्ट्रेस की स्थिति रहती है तो इससे घनी आबादी और संवेदनशील क्षेत्रों में जनस्वास्थ्य, श्रम उत्पादकता और जलवायु तंत्र को नुकसान हो सकता है। शोधकर्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा है कि जलवायु परिवर्तन के साथ मानसून के दौरान गर्म और उमस भरी स्थितियों वाला यह हीट स्ट्रेस तेजी से बढ़ेगा। औद्योगिक क्रांति से पहले के स्तर की तुल...