मानस ही भव सागर से पार होने की नौका
फर्रुखाबाद कन्नौज, अक्टूबर 4 -- फर्रुखाबाद। श्री पांडेश्वरनाथ मंदिर के सत्संग भवन में चल रह रही मानस कथा में हरिद्वार से आयी साध्वी प्रज्ञा भारती गिरि ने कहा कि मानस ही भव सागर से पार होने की नौका है। मानव का चिंतन, जीवन के विचार, शास्त्र के विचार का समीचीन चिंतन गोस्वामी तुलसीदास ने श्रीराम कथा के माध्यम से प्रस्तुत किया है। पंडित पीलाराम ने कहा कि गीता, रामायण, भागवत के शास्त्र, चिंतन से ही मानव जीवन कल्याणमय होता है। दतिया की लीला भारती ने भरत के चरित्र पर प्रकाश डाला। डॉ.रामबाबू पाठक, सुजीत पाठक, वरुण, बीके सिंह, विशेष पाठक आदि व्यवस्थाओं में रहे। यह भी पढ़ें- Muzaffarpur News: विमल की पुस्तक मानस के प्रसंग और पात्र का लोकार्पण
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