मानस रोग का आध्यात्मिक चिकित्सा ही एकमात्र उपाय
बक्सर, जून 10 -- कथा सुनाई लोभ के कारण मानव मूल्य का समूल नाश होता जा रहा है। सर्वजन कल्याण सेवा समिति सिद्धाश्रम धाम में कथा जारी फोटो संख्या 15 कैप्शन - बुधवार को रामरेखा घाट पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पूर्व आरती करते श्रद्धालु। बक्सर, हमारे संवाददाता। यह भी पढ़ें- मानस रोग का आध्यात्मिक चिकित्सा ही एकमात्र उपायकथा का आयोजन सर्वजन कल्याण सेवा समिति सिद्धाश्रम धाम में तीसरे दिन बुधवार को भी श्रीमद्भागवत महापुराण कथा हुई। कथा वाचक पौराणिक महाराज ने कहा मनुष्य को दो तरह के रोगों का भय होता है। प्रथम दैहिक और दूसरा मानसिक l देह भौतिक है अतः दैहिक रोग का इलाज डॉक्टर से दिखाकर, दवा का सेवन करने से ठीक किया जाता है। देह के रोग की पहचान की अनेक विधियां होती है, जिन्हें देखकर, स्पर्श कर, छू कर, जांच कर व पूछ कर जाना जा सकता है। इलाज की विधि ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.