मानसून सिर पर, आधी-अधूरी तैयारियों के बीच फिर 'तालाब' बनने की कगार पर बिजनौर
बिजनौर, जून 17 -- नसून की दस्तक बेहद करीब है, लेकिन बिजनौर शहर को जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के प्रशासनिक दावे कागजी साबित हो रहे हैं। सरकार की सख्त हिदायत थी कि 15 जून तक शहर के सभी छोटे-बड़े नालों की तलीझाड़ सफाई का काम पूरा हो जाना चाहिए, लेकिन जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर है। कछुआ गति से चल रही नाला सफाई के कारण इस बार भी बरसात में जलभराव से जूझना शहरवासियों की नियति बनता नजर आ रहा है। शासन के निर्देशानुसार 15 जून तक नालों की शत-प्रतिशत सफाई हो जानी चाहिए थी। परंतु, विभागीय सूत्रों की मानें तो शहर के अधिकांश बड़े नाले अभी भी गंदगी और सिल्ट से अटे पड़े हैं। पूजा विवाह मंडप के पास के नाले को देखकर लगता है, कि इसकी तो सालों से सफाई नहीं हुई। सिविल लाइन सेकंड में पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर का नाला भी चोक पड़ा है। यही हाल चांदपुर की च...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.