चाईबासा, जून 26 -- चाईबासा, संवाददाता। मानसून के कमजोर पड़ने से बारिश के इंतजार में किसान परेशान हैं। धान की खेती प्रभावित हो रही है। किसानों ने अपने खेत को जोत कर छोड़ दिया है, ताकि बारिश होने पर इन खेतों में पानी जमा हो और धान का बिचड़ा तैयार किया जा सके। स्थिति यह है कि वर्षा के नहीं होने से अधिकतर किसानों के माथे पर बल पड़ने लगा है। अभी भी रोपनी वाले खेतों की जुताई करना बाकी है। हालांकि कुछ किसानों ने अपने खेतों को जोत दिया है, जबकि अधिकतर किसानों के खेत अभी पड़े हुए हैं, जबकि हर साल खेतों में अब तक रोपनी का कार्य शुरू हो जाता है। यह परिवर्तन किसानों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के कृषक इस स्थिति को लेकर ज्यादा ही परेशान है。 यह भी पढ़ें- जमुआ में धान के बिचड़े तैयार, आसमान पर किसानों की नजरसिंचाई की स्थिति पश्च...