मानसून की सुस्त रफ्तार, खरीफ फसल पर लटकी तलवार
हमीरपुर, जुलाई 6 -- हमीरपुर, संवाददाता। इस साल मानसून की सुस्त रफ्तार ने किसानों की धड़कनें बढ़ाकर रखी हैं। जून से लेकर अभी तक पर्याप्त बारिश न होने से किसान खरीफ की फसलों की बुवाई नहीं कर पा रहा है। किसानों के मुताबिक 15 जुलाई तक प्रत्येक दशा में खरीफ की फसलों की बुवाई हो जानी चाहिए, लेकिन इस साल ऐसा संभव नजर नहीं आ रहा है। यही हाल रहा तो इस साल खरीफ की फसलों से हाथ धोना पड़ेगा। बुंदेलखंड का किसान खरीफ सीजन में मुख्य रूप से तिल, ज्वार, अरहर, मूंग, उड़द, सोयाबीन, कोदो, मूंगफली, बाजरा आदि की फसल प्रमुखता के साथ बोता है। हालांकि खरीफ का रकबा ज्यादा नहीं है, लेकिन ज्यादातर मोटे अनाज की बुवाई इसी सीजन में होती है। इसके लिए शासन-प्रशासन भी पहल कर रहा है। वर्तमान समय में इन फसलों की बुवाई अभी तक नगण्य है। जिसने किसानों की चिंता बढ़ाकर रखी है।
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