बिहारशरीफ, जुलाई 4 -- पड़ताल : मानसून की दगाबाजी, बारिश नहीं होने से धान की खेती पर संकट खेती की बढ़ रही लागत पर उपज की अनिश्चितता से चिंता में अन्नदाता जुताई, सिंचाई, मजदूरी और उर्वरक पर करना पड़ रहा 30 फीसद अधिक खर्च निजी पंप से सिंचाई कर रोपनी करने पर प्रति बीघा 6500 रुपये तक आ रहा खर्च जिले में अबतक 65 फीसद बीज की बुआई, धनरोपनी की रफ्तार काफी सुस्त फोटो: रोपनी: नूरसराय के पास बिचड़ा लगे खेत में बारिश नहीं होने पड़ीं दरारें। बिहारशरीफ, कार्यालय प्रतिनिधि। मानसून की बेरुखी ने अन्नदाताओं के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। बारिश नहीं होने के कारण खेतों में गहरी दरारें पड़ी हैं। धान की खेती संकट में घिर गई है। कुछ किसान अपने बूते निजी पंप से सिंचाई कर धनरोपनी कर भी रहे हैं तो उनपर बढ़ती लागत का भारी बोझ पड़ रहा है। किसानों को डर सता रहा ...