मानसून आते ही यूरिया और डीएपी के दाम में लगी महंगाई की आग
बांका, जून 13 -- बांका, निज प्रतिनिधि। जिले में न तो खाद की किल्लत है और न ही फिलहाल धनरोपनी का मुख्य सीजन शुरू हुआ है। बावजूद इसके प्री मानसून में ही यूरिया और डीएपी के दामों में महंगाई की आग लगी हुई है। मुनाफाखोर और बिचौलिए बखौफ होकर किसानों की जेब पर डाका डाल रहे हैं। हालात ये हैं कि निर्धारित सरकारी दर से प्रति बोरी यूरिया 80 से 84 रूपये और डीएपी पर 400 से 450 रूपये तक अधिक वसूल रहे हैं। अन्नदाता महंगाई की मार से कराह रहे हैं। चिंता यह भी सता रही है कि जब अभी बिचडा गिराने के समय खाद की यह कीमत है तो धनरोपनी के समय यह किस उंचाई पर पहुंचेगी। यह भी पढ़ें- अधिक मूल्य पर उर्वरक बेचने पर होगी कार्रवाईकिसानों की स्थिति बांका के किसान रिपू सूदन सिंह, बाराहाट के प्रीतम कुमार, पप्पू कुशवाहा सहित अन्य किसानों का कहना है कि अभी रोहिणी नक्षत्र चल ...
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