नई दिल्ली, मार्च 25 -- कोविड-19 महामारी के बाद मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन और आत्म-नियंत्रण जैसे विषय सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बन गए हैं। पहले ये बातें निजी दायरे तक सीमित रहती थीं, वहीं अब लोग खुले रूप से तनाव, चिंता और भावनात्मक थकान पर बात कर रहे हैं। इसी बदलते परिदृश्य में कई आध्यात्मिक मार्गदर्शकों ने भी अपने कार्य-क्षेत्र को डिजिटल माध्यमों तक विस्तारित किया है। अर्चिका दीदी द्वारा उठाया गया यह नवीन कदम इसी बदलाव को दर्शाता है जहाँ पारंपरिक आध्यात्मिक शिक्षण से आगे बढ़ते हुए उन्होंने संरचित ऑनलाइन माइंड-ट्रेनिंग कार्यक्रमों की शुरुआत की है। डिजिटल आध्यात्मिकता का क्षेत्र बीते कुछ वर्षों में तेज़ी से बढ़ा है। लॉकडाउन के दौरान जब प्रत्यक्ष सत्संग और सभाएं संभव नहीं रहीं, तब ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म आध्यात्मिक संवाद का माध्यम बने। सम...
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