कानपुर, जुलाई 22 -- आईआईटी में छात्र-छात्राओं के आत्महत्याओं के मामले में गठित कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट राज्य मानवाधिकार आयोग को सौंप दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मानसिक स्वास्थ्य और आत्मचिंतन के लिए आईआईटी को ऐप विकसित करने की जरूरत है। बच्चों की आत्महत्या जैसी घटनाओं को रोकने के लिए आईआईटी कैंपस में आने वाले सभी नए छात्र-छात्राओं की प्रथम सप्ताह में ही मानसिक स्वास्थ्य की जांच कराई जाए।

रिपोर्ट पर आपत्तियाँ इस मामले में याचिका लगाने वाले सेंट्रल बार एसोसिएशन के महामंत्री ने जांच रिपोर्ट पर आपत्ति जतायी है। उन्होंने दोबारा जांच कराने की मांग की है। आईआईटी में आत्महत्याओं को लेकर सेंट्रल बार एसोसिएशन के महामंत्री प्रवीण फाइटर ने जनवरी में राज्य मानवाधिकार आयोग ने याचिका दाखिल की थी। बतौर आरोप उन्होंने कहा था कि 25 माह के अंदर आईआईट...