मानसिक-शारीरिक और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक है नवरात्र : आचार्य उमाकांत शास्त्री
रामगढ़, मार्च 25 -- केदला, निज प्रतिनिधि। अपने भीतर की ऊर्जा को जगाना ही देवी उपासना का मुख्य प्रयोजन है। दुर्गा पूजा और नवरात्र मानसिक-शारीरिक और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक हैं। उक्त बातें आचार्य उमाकांत शास्त्री उर्फ डब्लू पांडेय ने रहावन में आयोजित बासंती दुर्गा पूजा के अवसर पर महासप्तमी को मां दुर्गा के पट आम लोगों के लिए खोले जाने पर कही। उन्होंने कहा कि आज वातावरण में चारों तरफ विचारों का प्रदूषण है। ऐसी स्थिति में नवरात्र का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। चैत्र की नवरात्रि के साथ रामजन्म एवं रामराज्य की स्थापना का इतिहास है। इस कारण इस नवरात्र का महत्त्व सर्वाधिक है। नवरात्रि व्रत का मूल उद्देश्य है इंद्रियों का संयम और आध्यात्मिक शक्ति का संचय। वहीं इसके पूर्व सैकड़ो लोगों ने कलश यात्रा में शामिल हुए। कलश यात्रा नगर भ्रमण करते हुए ...
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