किशनगंज, अप्रैल 21 -- किशनगंज। संवाददाता किसी भी समाज के समग्र विकास की नींव उसके बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य पर निर्भर करती है, और इस स्वास्थ्य का सबसे महत्वपूर्ण आधार है-पोषण। कुपोषण न केवल बच्चों की शारीरिक वृद्धि को बाधित करता है, बल्कि उनके मानसिक एवं बौद्धिक विकास को भी प्रभावित करता है, जिससे भविष्य में उनकी सीखने की क्षमता और उत्पादकता पर असर पड़ता है। इसी चुनौती से निपटने के लिए सरकार द्वारा संचालित पोषण अभियान को जनआंदोलन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसी क्रम में 9 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 तक "पोषण पखवाड़ा" का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य मातृ एवं शिशु पोषण में सुधार, कुपोषण की रोकथाम तथा समाज में व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देना है। यह भी पढ़ें- किशनगंज : मानसिक व बौद्धिक विकास के लिए पोषण जरूरी पोषण पखवाड़ा के अंतर्ग...
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