वाराणसी, सितम्बर 7 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। प्रो. लाहिड़ी के स्वास्थ्य की जांच कर रहे विशेषज्ञों की रिपोर्ट के अनुसार, वह हृदय रोग, टीबी जैसी शारीरिक बीमारियों सहित बुजुर्ग अवस्था के चलते सिनाइल डिमेंशिया (भूलने की समस्या) और व्यवहार परिवर्तन जैसी मानसिक बीमारियों से ग्रसित हैं। 85 वर्ष के हो चुके प्रो. लाहिड़ी ने पूरा जीवन सर सुंदरलाल अस्पताल और यहां आने वाले हृदयरोगियों को समर्पित कर दिया। शायद ही किसी को याद हो कि उन्होंने कभी छुट्टी ली या अपने कोलकाता स्थित घर गए हों। सर्दी, गर्मी, बारिश किसी भी मौसम में वह अस्पताल जरूर जाते थे। मेडिकल एन्क्लेव स्थित आवास से रोज पैदल अस्पताल आना, मरीजों की सेवा करना और पैदल ही घर जाना उनकी दिनचर्या थी। यह भी पढ़ें- बीएचयू में पद्मश्री डॉक्टर टीके लाहिड़ी से मारपीट पर सामाजिक-सियासी पारा चढ़ा, ज...