मानसिक एकाग्रता और तनाव मुक्ति की चाबी है योग: स्वामी मुक्तरथ
रांची, जून 12 -- रांची, संवाददाता। झारखंड न्यायिक अकादमी में आयोजित प्रथम चरण का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को संपन्न हो गया। इस दौरान प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए नियमित योग, प्राणायाम और ध्यान सत्र आयोजित किए गए। योग प्रशिक्षक स्वामी मुक्तरथ और उनके सहयोगी रोहित कुमार ने प्रतिभागियों को प्रतिदिन यौगिक अभ्यास, प्राणायाम और रिलैक्सेशन की क्रियाएं कराईं। स्वामी मुक्तरथ ने बताया कि योगासन से रीढ़ की हड्डी स्वस्थ रहती है, जिससे पीठ दर्द से बचाव होता है। साथ ही ध्यान से मानसिक एकाग्रता बढ़ती है और तनाव दूर होता है।अकादमी के निदेशक व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश शरण ने योग को न्यायिक अधिकारियों के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि इससे मानसिक थकान दूर रहती है और उन्होंने अधिकारियों से दैनि...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.