दरभंगा, अप्रैल 25 -- राजीव रंजन झा,दरभंगा। वर्तमान मानव विकास मॉडल ने प्रकृति के साथ गंभीर असंतुलन उत्पन्न कर दिया है। इस असंतुलन का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगा है। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर भूगोल विभाग में पृथ्वी दिवस के अवसर पर वर्ल्ड नेचुरल डेमोक्रेसी के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व कुलपति प्रो. सुरेन्द्र मोहन झा ने उक्त बातें कही। प्रो. झा ने स्पष्ट रूप से कहा कि नेचुरल डेमोक्रेसी केवल एक विचार नहीं, बल्कि भविष्य की अनिवार्य वैचारिक दिशा है, जिसके माध्यम से प्रकृति को पुनः शासन, नीति-निर्माण एवं सामाजिक संरचना के केन्द्र में स्थापित किया जा सकता है। यह भी पढ़ें- मानव विकास मॉडल सेे उत्पन्न हुआ गंभीर प्राकृतिक असंतुलन केंद्रीय विश्वविद्यालय के पूर्व कुलसचिव एवं...
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