बागेश्वर, सितम्बर 9 -- देवेंद्र पांडे, कपकोट/बागेश्वर। मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम और विभागीय प्रक्रियाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाने के उद्देश्य से मंगलवार को कपकोट और ग्लेशियर वन क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों के प्रधानों, सरपंचों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें ग्रामीणों ने बंदरों और जंगली सुअरों से फसलों, बागानों और जनजीवन को हो रहे नुकसान की जानकारी दी। प्रभागीय वन अधिकारी प्रकाश चंद्र आर्य ने बताया कि जिले में जल्द बंदरबाड़ा बनाया जाएगा। विभिन्न क्षेत्रों से पकड़े जाने वाले बंदरों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत इसमें रखा जाएगा। प्रदेश के वन प्रभागों में पशु चिकित्सकों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। बागेश्वर वन प्रभाग में भी जल्द पशु चिकित्सक की नियुक्ति की जाएगी, ताकि बंदरबाड़े में...