गोड्डा, जून 18 -- गोड्डा, एक प्रतिनिधि। मछिया सिमरडा पंचायत में विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। दौरान अधिकार मित्र इंतेखाब आलम ने ग्रामीणों को झालसा के प्रोजेक्ट तृप्ति की जानकारी दी गई। कहा कि प्रोजेक्ट तृप्ति झारखंड में मानव तस्करी से बचाए गए लोगों और उनके बच्चों के पुनर्वास के लिए एक बेहद संवेदनशील व महत्वपूर्ण पहल है। इसी कड़ी में अधिकार मित्र इंतेखाब आलम और पीएलवी बासुदेव मणी नंदन कुमार ने कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में मानव तस्करी की घटना अधिक होती है। ऐसे में प्रोजेक्ट तृप्ति केवल एक कानूनी योजना नहीं है, बल्कि यह पीड़ितों को समाज में सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन जीने का एक दूसरा मौका देती है। तृप्ति परियोजना का प्राथमिक उद्देश्य मानव तस्करी के जाल से छुड़ाए गए पीड़ितों (विशेषकर महिलाओं और बच्चों) को समाज की मुख्यधारा से...