हाजीपुर, मई 23 -- श्रीगजेन्द्र मोक्ष देवस्थानम् सोनपुर में चल रहे श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ के अंतिम दिन श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी लक्ष्मणाचार्य ने भगवान दत्तात्रेय के 24 गुरुओं की कथा सुनाई। कहा कि मानव जीवन में गुरु अवश्य बनाना चाहिए। बिना गुरु भवसागर से पार नहीं हो सकते। गुरु का गु-शब्द अन्धकार वाचक है और रु का अर्थ प्रकाश होता है। चार प्रकार के संसारिक गुरु हैं। माता-पिता, श्वसुर और मामा ये चारों गुरु संसारिक ज्ञान देने वाले हैं। इनसे मोक्ष सम्भव नहीं। मोक्ष श्री सम्प्रदाय के आचार्य जो विरक्त हो वैष्णव हो ब्राह्मण हो वही दीक्षा देने का अधिकारी है। नारायण मंत्र से ही मुक्ति मिलेगी। मोक्ष ईच्छेत जनार्दनात। मोक्ष की इच्छा रखने वाला भगवान श्रीमन्नारायण की उपासना करें। यह भी पढ़ें- मानव ज...