गाजीपुर, अप्रैल 24 -- सादात, हिन्दुस्तान संवाद। अखिल भारतीय आध्यात्मिक और सामाजिक संस्था मानव उत्थान सेवा समिति की ओर से सलेमपुर बघाई में आयोजित सात दिवसीय 'श्रीमद् भागवत सद्भावना सत्संग ज्ञानयज्ञ' के पांचवे दिन विभिन्न तीर्थं स्थलों से आए संतों ने अपने-अपने सत्संग विचार रखें। दिल्ली से पधारे मानव उत्थान सेवा समिति के केंद्रीय संगठन सचिव महात्मा सत्यबोधानंद ने कहा कि मानव जीवन का सर्वोत्तम फल संतों का सानिध्य और सत्संग प्राप्त होना है। जिससे मन निर्मल और शांत होता है। उन्होंने बताया कि संत हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे हमें सही मार्ग दिखाते हैं, हमें आत्म-ज्ञान की ओर ले जाते हैं, और हमें जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझने में मदद करते हैं। तीर्थनगरी नैमिषारण्य से आए हुए महात्मा अपर्णा बाई ने बताया कि सत्संग की महिमा...
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