मानव जीवन का उद्देश्य धर्म, भक्ति और सदाचार का पालन करना
इटावा औरैया, जून 14 -- भरथना। शिवब्रह्मकेश्वर धाम में चल रही श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ व देवमूर्ति प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के अंतर्गत रविवार को कथा के चौथे दिन कथा व्यास पं. उमादत्त द्विवेदी ने विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। कथावाचक ने मानव सृष्टि के सृजन का वर्णन करते हुए बताया कि सृष्टि की रचना ईश्वर की दिव्य योजना का हिस्सा है तथा मानव जीवन का उद्देश्य धर्म, भक्ति और सदाचार का पालन करना है। उन्होंने भगवान कपिल मुनि व उनकी माता देवहूति के संवाद का वर्णन करते हुए सत्संग, ज्ञान और भक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सत्संग मनुष्य के जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करता है और आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। कथा के दौरान भजनों एवं धार्मिक प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा के समापन पर आरती...
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