बक्सर, फरवरी 27 -- प्रवचन ओम शब्द का जाप करने से हम अपने जीवन को धर्म के मार्ग पर ले जा सकते हैं ओम का अंतिम अक्षर म से जीव का बोध होता है, इसी से श्रृष्टि का विस्तार हुआ फोटो संख्या- 31 कैप्सन- कड़सर गांव में आयोजित श्रीलक्ष्मी नारायण यज्ञ में शुक्रवार को जीयर स्वामी का प्रवचन सुनते श्रद्धालु। नावानगर, एक संवाददाता। प्रखंड के कड़सर गांव में आयोजित श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ में शुक्रवार को जीयर स्वामी ने मानव जीवन और धर्म के संबंध को समझते हुए कहा कि मानव जीवन का उद्देश्य धर्म का पालन करना है। कहा कि धर्म के बिना जीवन अधूरा है और धर्म ही जीवन को सार्थक बनाता है। साथ ही ओम शब्द की व्याख्या करते हुए स्वामी जी ने कहा कि यह एक ऐसा शब्द है जो ब्रह्म की ध्वनि है। यह शब्द तीन अक्षरों से बना है - अ, उ, और म। अ का अर्थ है उत्पत्ति, उ का अर्थ है स्...