भागलपुर, मार्च 23 -- प्रखंड के मानिकपुर उच्च विद्यालय मैदान में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा यज्ञ के तीसरे दिन बृज प्रिय किशोरी अदितिजी ने कहा कि मानव को चिंता की बजाय चिंतन करना चाहिए। उन्होंने परीक्षित की कथा सुनाई। प्राणी का मृत्यु निश्चित है। इससे बचने का कोई उपाय नहीं है। इसलिए भागवत कथा का श्रवण करना चाहिए। मृत्यु से भय का निवारण किया जा सकता है। मृत्यु से भय के निवारण के लिए तीन उपाय किया जा सकता है। इसके लिए मन को एकाग्र करने की जरूरत होती है। भगवान का ध्यान करना चाहिए। कथा को सुनने के बाद दूसरों को बताएं।

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