मानव कल्याण की भावना से भरे थे शास्त्रीजी
वाराणसी, जुलाई 19 -- वाराणसी, संवाददाता। लालबहादुर शास्त्री एक ऐसे महापुरुष थे जो एक ओर मानव कल्याण और विश्व शांति की भावना से भरे थे, वहीं युद्ध थोपे जाने की स्थिति में शत्रुओं की भूमि में हुंकार भरते हुए उन्हें आत्म समर्पण करने पर विवश कर दिया था। उनका मात्र 18 महीनों का प्रधानमंत्रित्व काल भारतीय राजनीति का टर्निंग प्वाइट था। वह आज भी ईमानदार राजनीति करने वाले के लिए प्रेरणा का विषय है। ये बातें साहित्यकार डॉ. नीरजा माधव ने कहीं। वह भारतीय जन जागरण समिति के तत्वावधान में रविवार को सारनाथ में न्यू सारनाथ गैलरी में आयोजित गोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थीं। 'कल आज और कल' विषयक गोष्ठी में उन्होंने कहा कि शास्त्रीजी को किसी पार्टी विशेष के नेता के रूप में नहीं देखना चाहिए। अपनी ईमानदार छवि और सादगी के कारण वह भारत के जन-जन के मन...
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